सोमवार 15 जून 2026 - 07:48
कश्मीर में माह ए मुहर्रम के आने पर एक जलसे का आयोजन

हौज़ा / कश्मीर में मुहर्रमुल हराम 1448 हिजरी के आगमन के मद्देनज़र मौलाना मसरूर अब्बास अंसारी के निवास ‘दारुल अब्बास’ में एक महत्वपूर्ण परामर्श बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुहर्रम के दौरान आयोजित होने वाली मजलिसों, अज़ादारी के जुलूसों तथा अन्य धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों की व्यवस्थाओं पर विस्तार से विचार विमर्श किया गया।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,कश्मीर में मुहर्रमुल हराम 1448 हिजरी के आगमन के मद्देनज़र मौलाना मसरूर अब्बास अंसारी के निवास ‘दारुल अब्बास’ में एक महत्वपूर्ण परामर्श बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुहर्रम के दौरान आयोजित होने वाली मजलिसों, अज़ादारी के जुलूसों तथा अन्य धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों की व्यवस्थाओं पर विस्तार से विचार विमर्श किया गया।

बैठक में विभिन्न क्षेत्रों के ज़िम्मेदार व्यक्तियों, उलेमा-ए-किराम, ज़ाकिरों, अंजुमनों के प्रतिनिधियों तथा सामाजिक हस्तियों ने भाग लिया।

बैठक के प्रतिभागियों ने मुहर्रमुल हराम की पवित्रता और महत्व को ध्यान में रखते हुए इस बात पर ज़ोर दिया कि सभी धार्मिक कार्यक्रम अनुशासन, एकता, आपसी सहयोग और भाईचारे के साथ आयोजित किए जाएँ, ताकि हज़रत इमाम हुसैन (अ.) और शोहदाए-कर्बला की महान कुर्बानियों का संदेश प्रभावी ढंग से जनता तक पहुँच सके।

बैठक को संबोधित करते हुए मौलाना मसरूर अब्बास अंसारी ने सभी अज़ादारों, अंजुमनों और आयोजकों से अपील की कि वे मुहर्रम के कार्यक्रमों के दौरान अनुशासन का विशेष ध्यान रखें तथा उम्मत की एकता, भाईचारे और पारस्परिक सद्भाव को बढ़ावा देने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ।

उन्होंने कहा कि सभी प्रमुख अज़ादारी जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से, कानून का पूर्ण पालन करते हुए निकाले जाएँगे और सफलतापूर्वक संपन्न होंगे। साथ ही उन्होंने लोगों से सहयोग, धैर्य और धार्मिक मूल्यों की रक्षा करने की भी अपील की।

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